अपने कर्तव्य का तत्परतापूर्वक पालन और दूसरे के अधिकारों की प्रेमपूर्वक
रक्षा-यही पारिवारिक व सामाजिक जीवन में उन्नति का सूत्र है। और भी स्पष्ट
रूप से कहें तो ʹअपने लिए कुछ न चाहो और भगवद्भाव से दूसरों की सेवा करो।ʹ
यही पारिवारिक, सामाजिक, राष्ट्रीय और वैश्विक उन्नति का महामंत्र है। क्या
आप इसका आदर कर इसे अपने जीवन में उतारेंगे ? यदि हाँ तो आपका जन्म-कर्म
दिव्य हो ही गया मानो।
SUVICHAR
Tuesday, April 9, 2013
Thursday, January 24, 2013
Wednesday, January 23, 2013
Wednesday, August 3, 2011
आपका भले चाहने वाला
आपका सच्चा भले चाहने वाला वह है जो आपकी कमजोरियों के बारे में आपके सामने बात करे। और आपकी ताकत के बारे में गर्व से दूसरों के सामने बात करे।
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